हमारे बारे में
हर भारतीय घर में एक दादी या नानी होती हैं जिनके पास हर छोटी-बड़ी तकलीफ का कोई न कोई नुस्खा होता है – खांसी के लिए अदरक-शहद, गैस के लिए अजवाइन, बालों के लिए आंवला। दादी के नुस्खे उसी ज्ञान को सहेजने और सरल हिंदी में आप तक पहुंचाने का प्रयास है।
हम क्या करते हैं
- हर नुस्खे को सामग्री, विधि, मात्रा और सावधानी के साथ लिखते हैं, ताकि आप उसे घर पर सही तरीके से आज़मा सकें।
- हर उपाय के पीछे की आयुर्वेदिक समझ (वात-पित्त-कफ, पाचन अग्नि, पथ्य-अपथ्य) आसान भाषा में बताते हैं।
- साफ-साफ बताते हैं कि डॉक्टर के पास कब जाना ज़रूरी है।
आरोग्य जीवनम् से हमारा रिश्ता
दादी के नुस्खे और आरोग्य जीवनम् एक ही परिवार की दो पहल हैं। घरेलू नुस्खे हल्की और शुरुआती समस्याओं में बहुत काम आते हैं, लेकिन जब समस्या पुरानी हो जाए तो मानकीकृत आयुर्वेदिक अर्क (जैसे त्रिफला, अश्वगंधा, शल्लकी) ज़्यादा भरोसेमंद होते हैं। इसलिए हर लेख के अंत में हम उसी समस्या से जुड़ा आरोग्य जीवनम् का उत्पाद सुझाते हैं – पूरी पारदर्शिता के साथ।
हम सिर्फ वही उत्पाद सुझाते हैं जो लेख की समस्या से सीधे जुड़े हों। कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह ज़रूर लें।
संपादकीय नीति
हमारे नुस्खे पारंपरिक घरेलू ज्ञान और शास्त्रीय आयुर्वेदिक ग्रंथों (जैसे चरक संहिता, भावप्रकाश) में वर्णित सिद्धांतों पर आधारित हैं। हम मात्रा और सावधानियों को लेकर रूढ़िवादी रुख अपनाते हैं और गर्भावस्था, बच्चों व पुरानी बीमारियों के लिए अलग से चेतावनी देते हैं। कोई त्रुटि दिखे तो हमें बताएं।